Archive for September, 2017

21
Sep
17

इक घर

“मकान कई मिले , घर न बना पाए ” – मेघना
कुछ ऐैसी बात कह दी
जो दिल को छू गई,
चारदिवारियों के
इस कठोर बंजरात में
उस,
किसी,
अब
दुर्लभ होते
घर की ख्वाहिश
ज़हन में ज़हरीली
हूक मार गई।

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