Archive for June, 2017

21
Jun
17

इसलिए

दिमाग फितूरी था
इसलिए
बहुत सोचा इक
दिन
फिर से
अपने बारे में;
और जाने किस
गुबार में
अष्टाव्रक जिंदगी
के उस कोने
की सफाई करने
चला।



Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.

Join 104 other followers

June 2017
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
2627282930